आधार को अभेद्य बनाने में जुटी सरकार, हरेक आधार कार्ड की होगी वर्चुअल आईडी

11th January 2018

नई दिल्ली। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानि यूआईडीआई (आधार कार्ड) को अभेद्य बनाने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। बता दें कि यूआईडीआई एक अरब से ज्यादा भारतीयों का डाटा रखता है, कुछ दिनों पहले आधार की सूरक्षा में भारी कमी बताई गई थी, अखबार में छपी खबरों के मुताबिक आधार की डिटेल्स को मात्र 500 रूपये में खरीदा जा सकता है। इस खबर के बाद लोगों का गुस्सा सर चढ़कर बोल रहा है। लोगों ने सरकार से सवाल पूछने शुरू कर दिये हैं, लोगो की निजता पर ऐसी चूकी कैसे कर सकती है। सरकार ने जनता में बढ़ते गुस्से को देखकर प्रत्येक आधार कार्ड के लिए वर्चुअल आईडी से जोड़ने का निर्णय लिया है। वहीं यूआईडीआई ने आधार की सूरक्षा बढ़ाते हुए अपने डाटा का एक्सेस पांच हजार सरकारी अधिकारियों तक सीमित कर दिया है।

आधुनिक तकनीक से लैस होगा आधार कार्ड

यूआईडीआई आधार कार्ड के लिए नया सूरक्षा तंत्र लाने की तैयारी में है, जिससे आधार कार्ड का डेटा लीक करना कठिन हो जागेगा। यूआईडीआई अधिकारियों की मानें तो हर आधार का एक वर्चुअल आईडी होगा। अधिकारियों का कहना है कि जुलाई 2016 से सुरक्षा तंत्र को और मजबूत बनाने के लिए काम  चल रहा है। हरेक आधार कार्ड के लिए एक वर्चुअल आईडी होगा, इसका इस्तेमाल तब किया जागेगा, जब किसी तीसरे पार्टी को किसी भी तरह की जांच या केवाईसी प्रक्रिया के लिए आधार नंबर की जरूरत पड़ेगी।

यूआईडीआई ने घोषणा करते हुए कहा है कि –

– ” आधार नंबर स्थायी रूप से पहचान का प्रमाण है। इसकी सुरक्षा और इसके लगातार उपयोग को बनाए रखने के लिए एक तंत्र प्रदान करना आवश्यक था।” 

अधिकारियों के मुताबिक यह वर्चुअल आईडी 16 अंक का होगा, साथ ही इस नंबर का इस्तेमाल करने की समय सीमा भी होगी, जिससे इसका गलत इस्तेमाल नहीं हो पाएगा। नया वर्चुअल आईडी जनरेट करने में मात्र 10 सेकेंड का समय लगेगा। इसी के साथ बताया गया की यह आधार के लिए प्रस्तावित किए गए सबसे शक्तिशाली सुरक्षा तंत्र में से एक होगा।

यूआईडीआई के पूर्व अध्यक्ष नंदन नीलेकणी ने कहा –

आधार की सुरक्षा बहुत जरुरी है और यूआईडीआई द्वारा सही कदम उठाया गया है। ”

कैसे काम करेगा वर्चुअल आईडी

  • जब उपयोगकर्ता को अपने आधार नंबर की जरुरत होगी तो वह यूआईडीआई की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर या फोन पर mAadhaar एप का इस्तेमाल कर उसी समय 16 डिजिट का वर्चुअल आईडी जनरेट कर सकता है। यह नंबर 12 डिजिट के असली आधार नंबर के लिए मास्क की तरह काम करेगा।
  • वर्चुअल आईडी से सिर्फ नाम, पता और व्यक्ति की फोटो को एक्सेस किया जा सकेगा।
  • यूआईडीआई के मुताबिक यह वर्चुअल आईडी अस्थायी होगी और इसे किसी भी समय वापस लिया जा सकेगा। हर आईडी की वैधता की समय सीमा होगी। इस समय सीमा को उपयोगकर्ता खुद निश्चित कर पाएंगे।
  • अगर कोई भी व्यक्ति वर्चुअल आईडी जनरेट करता है तो पुरानी वाली आईडी अपने आप एक्सपायर हो जाएगी। इसका मतलब यह की एक व्यक्ति के लिए एक समय पर एक ही वर्चुअल आईडी का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

देश में एक अरब 19 लाख आधार कार्ड :

यूआईडीआई  ने कहा है कि हाल के दिनों में आधार की निजता को लेकर कई सवाल उठे हैं। निजता की सूरक्षा को ध्यान में रखते हुए आधार को और मजबूत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई हैं। उल्लेखनीय है कि अब तक देश में 119 करोड़ आधार कार्ड बनाए जा चुके हैं। बैंक, टेलीकॉम, सार्वजनिक वितरण और आयकर जैसे विभागों में इसका उपयोग किया जा रहा है।

एक मार्च से मिलेगी सुविधा

यूआईडीआई  के मुताबिक वर्चुअल आईडी की सुविधा एक मार्च से आ जाएगी और एक जून से सभी एजेंसियों को इसे लागू करना अनिवार्य होगा। यदि कोई एजेंसी इसके बाद वर्चुअल आइडी स्वीकार करने से इन्कार करती है, तो उस पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया जाएगा।