डिस्कवरी चैनल वाले भी हाथी को नहीं उड़ते दिखा पाये लेकिन झारखंड की पूर्ववर्ती सरकार ने उड़ा दिया : बन्ना

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स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता

गुमला सूबे के स्वास्थ्य मंत्री ने पूर्ववर्ती रघुबर सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि मैंने आज तक डिस्कवरी चैनल पर भी हाथी को उड़ते नहीं देख पाया लेकिन झारखंड राज्य में एक आईएएस अधिकारी एवं पूर्व की सरकार ने हाथी को भी उड़ाने काम किया। मतलब जो काम डिस्कवरी चैनल वाले नहीं कर पाये वह पूर्व की सरकार ने कर दिया. हाथी उड़ाने में करोड़ों रुपये खर्च हो गये लेकिन इसका कुछ परिणाम नहीं मिला. खोदा पहाड़ निकली चुंहिया वाली कहावत चरितार्थ हुई है. स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता गुमला दौरा के क्रम में सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ये बाते कहीं.

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि झारखंड राज्य को चारागाह बनाने वालों के खिलाफ जांच के बाद विधिसम्मत कार्रवाई होगी. पूर्व के कुछ ऐसे आईएएस हैं जो सरकार से मिलकर जहां-तहां अस्पताल भवन बना दिये. परंतु आज उसका उपयोग नहीं हो रहा है और करोड़ों रुपये के भवन बेकार हो गया है. इसकी समीक्षा की जा रही है. इस खेल में जो भी हैं. उन्हें बख्सा नहीं जायेगा. मंत्री ने कहा है कि विरोधियों के साथ पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर नहीं. बल्कि जन भावना से कार्य करेंगे. पिछली सरकार ने राज्य को लूट का चारागाह बनाने का काम किया गया है. जिसकी जांच कर दूध का दूध और पानी का पानी किया जायेगा.

उन्होंने कहा कि अस्पताल में डॉक्टर अपनी डयूटी ईमानदार से करें. क्योंकि डॉक्टर भगवान के दूसरा रूप होते हैं. सरकार द्वारा जो मेन पावर व संसाधन उपलब्ध कराया गया है. उसके अनुसार मरीजों को स्वास्थ्य लाभ मिलना चाहिए. अमर्यादित शब्द का कभी उपयोग नहीं होना चाहिए. स्वास्थ्य विभाग में कमी है. उसे दूर किया जायेगा. ड्रग इंस्पेक्टर व फूड इंस्पेक्टर द्वारा लगातार भयादोहन करने की शिकायत पहुंच रही है. भ्रष्टाचार की सूचना मुझे मिली है. कुछ लोगों को प्रताड़ित भी किया गया है. मैं स्पष्ट कर दूं. हेमंत सरकार में भ्रष्टाचार करने वाले सुधर जाये. उन्होंने दवा बेचने वालों को भी चेताते हुए कहा है कि नशीली दवा बिना कागजात के ना बेचें. तय मानक से अधिक नशीली दवा मिलने पर कार्रवाई तय है. उन्होंने कहा कि डॉक्टर अपना फर्ज निभाते हैं. इसलिए डॉक्टर को भी मान सम्मान मिलनी चाहिए. उन्होंने रिटायर हुए डॉक्टरों से पंचायत, प्रखंड व जिला स्तर के अस्पतालों में सहयोग देने की अपील की है. जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत किया जा सके. उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य में हर साल 260 से 270 लोग जागरूकता के अभाव में वज्रपात की चपेट में आकर मरते हैं. इस संबंध में जागरूकता अभियान चलाया जायेगा. सर्प दंश से 200 लोगों व सैकड़ों लोग नदी व तालाब में डूबने से मरते हैं. डूबने वाले लोगों को बचाने के लिए गांव के लोगों को एनडीआएफ से ट्रेनिंग दिलाकर आपदा मित्र बनाया जायेगा. उन्होंने कहा कि हमारे राज्य में हाथी से भी प्रभावित हैं. उन्होंने लोगों से कहा कि कोई भी सूचना हो. तुरंत स्थानीय प्रशासन को दें. ऐसे लोगों को प्रोत्साहित किया जायेगा.