देवघर : एक करोड़ से अधिक निकासी के मामले में चार और आरोपी गिरफ्तार

अभिषेक 19th May 2020
  • 31 मोबाइल फोन, 56 नया सिमकार्ड, 24 एटीएम कार्ड, फिनो बैंक का 22 नया एटीएम कार्ड, 11 पासबुक, 1 लैपटॉप सहित नकद 60 हजार रुपए भी बरामद
  • पूर्व में 8 आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है पुलिस
  • आईसीआईसीआई बैंक के विभिन्न राज्यों के खाता धारक के बैंक खाते से हुई है अवैध निकासी
  • आईसीआईसीआई बैंक देवघर शाखा के शाखा प्रबंधक द्वारा 11 मई को साइबर थाना में दर्ज कराई गई थी प्राथमिकी
गिरफ्तार किये गये आरोपी
गिरफ्तार किये गये आरोपी

देवघर। आईसीआईसीआई बैंक के विभिन्न राज्यों के करीब 5 दर्जन खाता धारकों के बैंक खाते से साइबर अपराधियों द्वारा एक करोड़ रुपए से अधिक रकम की अवैध तरीके से निकासी कर लिए जाने के मामले में जांच के लिए गठित विशेष टीम द्वारा तकनीकी जांच के आधार पर घटना में संलिप्त 4 और साइबर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में गिरिडीह जिले के अहिल्यापुर थाना क्षेत्र के बुद्धूडीह निवासी पिता-पुत्र संजय वर्मा व सौरभ वर्मा और देवघर जिले के करौं थाना क्षेत्र के सिरसा पोस्ट अंतर्गत सिटुलवा गांव निवासी सुनील रवानी व उसका भाई अनिल रवानी शामिल है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने 31 मोबाइल फोन, 56 नया सिमकार्ड, 24 एटीएम कार्ड, फिनो बैंक का 22 नया एटीएम कार्ड, 11 बैंक पासबुक, 1 लैपटॉप सहित नकद 60 हजार रुपए भी बरामद किया है। गिरफ्तारी के संदर्भ में एसपी पीयूष पांडेय ने बताया कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी उनके घर से ही की गई है। पुलिस द्वारा अनुसंधान के क्रम में जानकारी मिली कि ठगी के शिकार कुछ लोगों के खाते से गिरफ्तार साइबर आरोपियों ने ई वॉलेट के माध्यम से अपने बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर किया था। जिसके आधार पर छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है।

घटना में संलिप्त सभी आरोपियों को किया जाएगा गिरफ्तार

एसपी ने कहा कि मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद से ही पुलिस पूरी गंभीरता से मामले की अनुसंधान कर रही है। अनुसंधान के दौरान अब तक कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अवैध निकासी की घटना को अंजाम देने में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना में शामिल सभी आरोपियों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अनुसंधान व आरोपियों की गिरफ्तारी में कुछ समय तो जरूर लगेगा। लेकिन मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

गिरफ्तार आरोपी चलाते हैं बैंक सीएसपी

एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अपने घर पर बैंक सीएसपी का भी संचालन करते हैं। आरोपी संजय वर्मा पे-नियरबाई व फिनो बैंक का सीएसपी चलता है। जबकि आरोपी अनिल रवानी एसबीआई व एचडीएफसी बैंक का ग्राहक सेवा केंद्र सीएसपी का संचालन करता है। सीएसपी संचालन करने की वजह से इन लोगों के पास मर्चेंट अकाउंट है और येलोग कई लोगों के बैंक खाते से लेन-देन का कार्य करते हैं। जिसकी वजह से किसी को इन पर संदेह भी नहीं होता था।

छापेमारी टीम में कौन कौन थे शामिल

छापेमारी टीम का नेतृत्व साइबर डीएसपी नेहा बाला कर रही थी। जबकि टीम में उनके अलावा साइबर थाना की इंस्पेक्टर संगीता कुमारी, पीएसआई शैलेश कुमार पांडेय, पांडू सामद, प्रेम प्रदीप कुमार, हवलदार सुरेश मरांडी, मंगल टूडू, आरक्षी जयराम पंडित, सपन कुमार मंडल, बबीता कुमारी, प्रदीप कुमार मंडल, तीरथ कुमार सिंह, दीपेश कुमार, पुलिस अधीक्षक कार्यालय के आरक्षी विश्वजीत कुमार, कृष्णा पूर्ति, चालक आरक्षी सुनील व रतन कुमार दुबे शामिल हैं।

बरामद मोबाईल, सिम कार्ड आदि
बरामद मोबाईल, सिम कार्ड आदि

क्या है पूरा मामला

बता दें कि 11 मई को आईसीआईसीआई बैंक देवघर शाखा के शाखा प्रबंधक चैतन्य कुमार ने आईसीआईसीआई बैंक के विभिन्न राज्यों के करीब पांच दर्जन खाताधारकों के बैंक खाते से एक करोड़ रुपए से अधिक रकम की अवैध तरीके से निकासी कर लिए जाने को लेकर अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी पीयूष पांडेय द्वारा साइबर डीएसपी नेहा बाला के नेतृत्व में मामले की अनुसंधान के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था। उसके बाद विशेष टीम द्वारा मामले की तकनीकी तरीके से अनुसंधान करते हुए घटना में संलिप्त आठ साइबर आरोपियों को पूर्व में ही गिरफ्तार कर लिया गया था। गिरफ्तार आरोपी देवघर जिले के करौं, मोहनपुर, दुमका जिले के सरैयाहाट थाना क्षेत्र व बिहार प्रान्त के बांका जिले के बौंसी थाना क्षेत्र का रहने वाला था। जिनके पास से पुलिस ने नकद 1 लाख 20 हजार रुपए, 29 मोबाइल फोन, एटीएम क्लोनिंग मशीन, 1 लैपटॉप, 53 एटीएम कार्ड, 21 ब्लेंक एटीएम कार्ड व 15 सिमकार्ड भी बरामद किया था। मामले के तार जामताड़ा जिले से जुड़े होने की आशंका भी व्यक्त की गई है। पुलिस सभी बिंदुओं को ध्यान में रख कर मामले के अनुसंधान में जुटी हुई है।