राम जन्मभूमि मामले की सुनवाई टली

5th December 2017

राम मंदिर मामले की सुनवाई फिलहाल टाल दी गई है। अब आठ फरवरी 2018 को सुप्रीम कोर्ट इस पर अगली सुनवाई करेगा। बता दें कि मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अगुआई वाली बेंच इस मामले की नियमित सुनवाई कर रही है। सर्वोच्च न्यायालय में शिया वक्फ बोर्ड ने मंदिर का समर्थन किया। वहीं सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील कपिल सिब्बल ने सर्वोच्च अदालत के सामने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में पेश किए गए दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि सभी सबूत अदालत के सामने पेश नहीं किये गये हैं।

वहीं एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सिब्बल के सभी दावों को गलत बताया। मेहता ने अदालत से कहा कि सभी संबंधित दस्तावेज और जरूरी अनुवादित कॉपियां जमा की जा चुकी हैं।

अयोध्या की विवादित जमीन पर रामलला विराजमान है और हिंदू महासभा ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। वहीं, दूसरी तरफ सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने भी सर्वोच्च न्यायालय में उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ अर्जी दाखिल कर दी है। इसके बाद इस मामले में कई और पक्षकारों ने याचिकाएं लगाई। सर्वोच्च न्यायालय ने 9 मई 2011 को इस मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाते हुए मामले की सुनवाई करने की बात कही थी।

अयोध्या के विवादास्पद ढांचे को लेकर उच्च न्यायालय ने जो फैसला दिया था उसके बाद कई पक्षों की ओर से अदालत में याचिका दायर की गई थी और याचिका सर्वोच्च न्यायालय में छह साल से लंबित है। पिछले साल 26 फरवरी को भाजपा नेता सुब्रमण्यन स्वामी को इस मामले में पक्षकार बनाया गया था। स्वामी ने राम मंदिर निर्माण के लिए याचिका दायर की थी।

11 अगस्त को 3 जजों की स्पेशल बेंच ने अयोध्या मामले की सुनवाई की थी। सुप्रीम कोर्ट में 7 साल बाद अयोध्या मामले की सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने कहा था कि 7 भाषा वाले दस्तावेज का पहले का अनुवाद किया जाए। कोर्ट से साथ ही कहा कि वह इस मामले में आगे कोई तारीख नहीं देगा।