पाक को भारतीय सेना का करारा जवाब, लिया जवानों के शहादत का बदला

26th December 2017
  • आशुतोष मिश्रा

एक बार फिर से पाकिस्तानी सेना की कार्यवाही का भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया है। सेना ने शनिवार को सीज़फायर का उल्लंघन कर पाकिस्तानी सेना द्वारा की गई गोलीबारी में शहीद हुए चार भारतीय जवानों की मौत का बदला लिया है। भारतीय सेना ने पकिस्तान अधिक्रांत जम्मू कश्मीर में एक बार फिर से कार्रवाई करते हुये तीन पाकिस्तानी सैनिकों को ढेर कर दिया है। भारतीय सेना की इस कार्रवाई में एक पाक सैनिक के घायल होने की भी खबर है। पाकिस्तानी मीडिया ने भी भारतीय फायरिंग में एक पाकिस्तानी सैनिक के घायल होने का समाचार चलाया है।

सेना ने सीमा नियंत्रण रेखा के पार जाकर आईडी प्लांट किए, जिसके दौरान पाकिस्तानी सैनिकों के साथ हुई मुठभेड़ में भारतीय सेना ने तीन पाकिस्तानी सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया। जबकि दूसरी ओर पाकिस्तानी मीडिया ने अपने देश की इज्जत बचाने के लिए बार-बार ये बोल रही है कि भारत की ओर से हुई गोलीबारी में तीन पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं और एक घायल हैं। जबकि पाक सेना ने बेबसाइट आईएसपीआर में लिखा है कि उसके तीन सैनिकों की मौत भारतीय सेना के युद्धविराम उल्लंघन की वजह से हुई है। इसका मतलब यह है की पाकिस्तानी सेना  ने ये स्वीकारा है कि उसके सैनिक मारे गए हैं। इससे पहले रविवार को भारतीय सेना ने नौशेरा में पाकिस्तान के स्नाइपर को ढेर कर दिया था।  यह कार्रवाई भारतीय सेना के स्नाइपर ने अंजाम दिया है।

23 दिसंबर को जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले में पाकिस्तानी आर्मी ने सीजफायर का उल्लंघन करते हुए चार भारतीय सैनिकों की हत्या कर दी थी, जिनमें एक मेजर भी शामिल थे। मारे गए अधिकारी की पहचान 32 वर्षीय मेजर मोहार्कर प्रफुल्ला अम्बाडास के रूप में हुई थी। शहीद होने वाले सभी सैन्यकर्मी भारतीय सेना की 120 इन्फैंट्री ब्रिगेड बटालियन से आते थे। हाल के दिनों में पाकिस्तान की ओर से सीजफायर तोड़ने की घटनाओं में तेजी से इजाफा हुआ है।

याद रहे की भारत ने 28- 29 सितंबर 2016 की रात को नियंत्रण रेखा के पार जाकर सात आतंकी शिविरों पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। ये स्ट्राइक देश में तबाही मचाने के लिये तैयार बैठे आतंकियों के लॉन्च पैड्स भिंबर, केल, तत्तापानी और लीपा इलाकों में किये गए थे। इस सर्जिकल स्ट्राइक से कुछ दिनों पाक आतंकियों के हमले में भारतीय सेना के 19 जवान शहीद हो गए थे। जिसके बाद से ही भारत ने कायरों की तरह हमला करने वाले आतंकियों को सबक सिखाने के लिए भारत के जांबाज सैनिकों ने नियंत्रण रेखा के पार जाकर आतंकियों के ठिकानों को तहस-नहस कर दिया। कार्यवाही की रात पुंछ सेक्टर से एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर ध्रुव से भारतीय सेना के विशेष अभियान दल 4 पैरा और 9 पैरा के 25 कमांडो पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर में दाखिल हुए थे। इन कमांडो को नियंत्रण रेखा के पास हेलिकॉप्टर से उतार दिया गया था।  बिना पाकिस्तानी सेना को आभास हुए भारतीय सैन्य दल वहां गया और 50 से ज्यादा आतंकियों को ढेर करके वापस आ गया था। हमले से पहले कई दिनों तक आतंकियों के इन लॉन्चिंग पैड्स पर खुफिया एजेंसियां ने नजर रखे हुए थीं। सेना ने हमला करने से पहले जिन छह कैंपों पर हमले का लक्ष्य रखा था उनमे से तीन को हमले के दौरान को पूरी तरह से ख़त्म कर दिया था।

इससे पहले भारतीय जवानों ने जम्मू-कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में इसी साल मई में पाकिस्तानी सेना को  मुंहतोड़ जवाब दिया था। भारतीय जवानों ने सीमा पार पाकिस्तानी चौकियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें ध्वस्त कर दिया था। जिसके बाद भारतीय सेना ने अपनी कार्रवाई का दिखाने वाला एक 30 सेकेंड का एक वीडियो भी जारी किया था।

पिछले दो सालो में भारतीय सेना ने दो बार म्यांमार सीमा पर भी सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया है। 26 सितम्बर 2017 को सेना ने नगा संगठन एनएससीएन-के कई उग्रवादी मार गिराये थे । इस कार्रवाई में भारतीय सेना के 70 पैरा कमांडो शामिल थे। सेना ने इस बड़ी कार्रवाई में कई नगा उग्रवादियों के कई शिविर भी तबाह कर दिए गए थे।