देवघर : कुकुरमुत्ते की तरह उग रहे हैं साइबर अपराधी

28th December 2017

बाबा बैद्यनाथ की पुण्य भूमि को साइबर अपराधियों ने कलंकित कर दिया है। देवघर की पहचान शांत, सुंदर और आध्यात्म पर आधारित रही है। यहां पर सालों भर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है लेकिन हाल के वर्षों में शायद ही ऐसा कोई दिन हो जिस दिन देश के अलग – अलग कोने से पुलिस यहां पर न आयी हो, कभी राजस्थान, कभी मध्यप्रदेश, कभी यूपी, कभी कर्नाटक, तो कभी अंडमान निकोबार। लगभग सभी राज्यों की पुलिस साइबर अपराधियों के दीदार/तलाश के लिए यहां पहुंच चुके हैं।
बकौल स्थानीय डीएसपी अभय सिन्हा कुछ साल पहले तक यहां इक्का-दुक्का युवक ही चोरी- छिपे इस अपराध में संलिप्त हुआ करते थे.  लेकिन अब जैसे इस अपराध को मानो सामाजिक मान्यता मिल गयी है. पुलिस के लिये ये बड़ी चुनौती है.
देवघर के जामताड़ा इलाके में साइबर अपराध हर घर का एक कुटीर उद्योग बन गया है. बैठे-बैठे धन कमाने का चस्का ऐसा लगा है कि गांव के गांव इसमें संलिप्त हो गये हैं. लिहाजा जब पुलिस किसी अपराधी की तलाश में गांव पहुंची है तो परिवार के लोगों के साथ-साथ गांववाले पथराव में जुट जाते हैं.
हालांकि पुलिस की ओर से चलाये जा रहे ऑपरेशन चार्ली-चार्ली के तहत पुलिस को बड़ी कामयाबी मिल रही है. आकड़े बताते हैं कि पिछले तीन माह में 67 आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े हैं और 17 लाख रुपये कैश के साथ-साथ बड़ी संख्या में मोबाइल बरामद किये गये हैं.

जिले के पुलिस कप्तान नरेन्द्र सिंह की माने तो अब इस समस्या से निबटने के लिए ईडी की सहायता ली जाएगी. साथ ही कोर्ट में स्पीडी ट्रायल के लिये भी गुहार लगाया जायेगा. गावों में जागरुकता अभियान भी चलाया जाएगा.

साइबर क्राइम के मामले में हाल में देवघर पुलिस को जरुर कामयाबी हाथ लगी है. लेकिन तकनीकी  संसाधन के अभाव में साइबर थाने को आज भी दो चार होना पड़ता है।