कश्मीर घाटी में तेजी से हो रहा है विकास:  राजनाथ सिंह

30th December 2017
फाईल फोटो

केंद्र सरकार में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने एक विभागीय बैठक में कहा कि आज के दिन में जम्मू कश्मीर, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों सहित देश में सुरक्षा स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है। गृहमंत्री ने ये बाते उस एक अंतर मंत्रालयी बैठक में बताया जो कि जम्मू कश्मीर, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित राज्यों और पूर्वोत्तर क्षेत्र में विकास मुद्दों पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई थी। गृह मंत्री ने कहा कि देश में समग्र सुरक्षा स्थिति में काफी सुधार हुआ है।  उन्होंने कहा कि वामपंथी उग्रवाद की स्थिति अच्छी तरह से नियंत्रण में है और यह सुरक्षा बलों के प्रयास और केंद्र एवं राज्य सरकारों की विकास पहलों के चलते संभव हुआ है। एक सरकारी बयान में ये जानकारी दी गई।

सुरक्षा बलों के प्रयास से घाटी में हालात नियंत्रण में हैं। इससे सरकारों को विकास कार्य करने में मदद मिली है। अब यहां तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। उक्त बैठक में विभिन्न परियोजनाओं हेतु चर्चा की गई। इस दौरान कहा गया कि यहां तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं।

विभिन्न परियोजनाओं हेतु वन संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत सामान्य अनुमोदन की सीमा को 5 से 40 हेक्टेयर तक बढ़ाने को लेकर बात की गई है। क्षेत्र में शिक्षा के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ बनाने पर चर्चा की गई। जानकारी सामने आई है कि सोलर पंप, लैंप, स्ट्रीट लाईट्स आदि की व्यवस्था व पूर्वोत्तर में जम्मू कश्मीर विशेषकर लद्दाख में आधारभूत ढांचे को सुधार को लेकर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि यह समय विकास के मोर्चे पर तेज गति से आगे बढऩे का है। वाही दूसरी तरह कई चरण में मोबाइल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए पहले चरण में 2187 मोबाइल टावर, और दुसरे चरण में 4072 मोबाइल टावर लगाने की योजना बनाई जा रही है। ऐसे क्षेत्रों में पहले से सरकार द्वारा मंजूर 1789 डाकघरों को शुरू करने, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित 106 जिलों में अतिरिक्त 4173 डाकघरों की मंजूरी और इन डाकघरों में कोर बैंकिंग सेवाओं के प्रावधान पर भी चर्चा की गई।  साथ ही साथ शिक्षा के लिए  जवाहर नवोदय विद्यालय और केंद्रीय विद्यालय खोलकर, अतिरिक्त बालिका छात्रावास खोलकर और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत स्कूलों का उन्नयन और सर्व शिक्षा अभियान से इन क्षेत्रों को और आगे ले जाने की योजना के बारे में चर्चा की गयी। इस बैठक में हिस्सा लेने वालों में पर्यावरण मंत्री हर्षवर्धन, मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, संचार राज्य मंत्री मनोज सिन्हा शामिल थे।