आंतकियों को समर्थन बंद किये बगैर पाकिस्तान से बातचीत संभव नहीं : बिपिन रावत

23rd December 2017
थलसेना प्रमुख ज. बिपिन रावत

भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कल यानि शुक्रवार को बाड़मेर के पास सेना के युद्धाभ्यास के दौरान कहा कि पाकिस्तान जब जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों को समर्थन देना बंद करेगा उसके बाद ही शांति वार्ता हो सकती है।

सेना प्रमुख जनरल बिपित रावत युद्धाभ्यास के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि भारत भी चाहता है कि पाकिस्तान के साथ हमारे अच्छे संबंध हों, लेकिन पाकिस्तान जम्मू कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए हर तरह का प्रयास करता रहता है, जिसके कारण कभी भी भारत को ऐसा नहीं लगता है कि पाकिस्तान घाटी में शांति चाहता है।

भारत-पाक सीमा के पश्चिमी क्षेत्र में दक्षिण कमान के थार रेगिस्तान में हो रहे सेना और वायुसेना के संयुक्त युद्धाभ्यास हमेशा विजयी जनरल बिपिन रावत को देखने आए थे। बाद में उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश को आतंवादियों को समर्थन बंद करने की पहल करनी चाहिए, उसके बाद ही हम कह सकते है कि उनके साथ शांति वार्ता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में आतंवादियों के खिलाफ सेना,अद्धसैनिक बल और जम्मू कश्मीर की पुलिस सफलतापूर्वक लगातार कार्रवाई कर रही है और यह जारी रहेगी। पाकिस्तान-चीन कोरिडोर के बहाने दोनों देश अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास अपनी उपस्थिति और गतिविधियां बढ़ा रहे हैं। भारत के सुरक्षा दल लगातार ऐसी गतिविधियों को देख रहे है, और ऐसा नहीं है की भारत कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है, भारत भी लगातार सीमाओं पर अपनी गतिविधियों को बढ़ा कर शक्तिशाली उपस्थिति पेश कर रहा है। अपनी सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए भारत अपने हिसाब से कार्रवाई कर रहा है ।

याद रहे की गुरूवार को ही भारत पाक संबंधों पर विदेश मामलों के प्रवक्ता रवीश कुमार के बयान के बाद सेना प्रमुख का यह बयान आया है। रवीश कुमार ने कहा था कि “भारत पाकिस्तान के साथ अच्छे संबंध चाहता है। पाकिस्तान को हमारी चिंता समझनी होगी जो है आतंकवाद। हमने उनसे पाकिस्तान की जमीं से फैल रहे आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। अगर वे हमारी दोस्ती को आगे बढ़ाना चाहते हैं तो उन्हें इस दिशा में कदम उठाना होगा।”

दूसरी तरफ बीबीसी उर्दू की एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है की पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने कहा है कि वह वार्ता के जरिए भारत के साथ मुद्दों का समाधान निकालने के लिए सरकार की किसी भी पहल का समर्थन करेंगे। सेना प्रमुख ने मंगलवार को पाकिस्तानी संसद के उच्च सदन सीनेट को सुरक्षा स्थिति और क्षेत्रीय मुद्दों पर ब्रीफ किया। छह साल में यह पहली बार है जब सेना के शीर्ष अधिकारी सुरक्षा स्थिति पर सांसदों को अवगत कराने के लिए संसद पहुंचे। सेना प्रमुख बाजवा ने कहा कि हम भारत के साथ मुद्दों का समाधान युद्ध की जगह वार्ता से निकाल सकते हैं। भारत सहित सभी पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंधों के पक्ष में हैं। इस स्थिति में यदि सरकार भारत के साथ बातचीत करने का फैसला करती है तो सेना सरकार का समर्थन करेगी। जनरल बाजवा के साथ सैन्य अभियानों के महानिदेशक मेजर जनरल साहिर शमशाद मिर्जा, आईएसआई के महानिदेशक नवीद मुख्तार और इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस के महानिदेशक मेजर जनरल आसिफ गफूर भी थे।